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अभी-अभी : रेल मंत्री पद से हटाए गए सुरेश प्रभु, जाते-जाते बोले- धन्यवाद..देखे

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मोदी की कैबिनेट में आज 9 नए मंत्रियों को शामिल किया गया है। इसके बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु को पदमुक्त कर दिया गया है। सबसेे पहले धमेंद्र प्रधान ने शपथ ली । उनका प्रमोेशन किया गया है। इसके बाद ऊर्जा मंत्री रहे पीयूष गोयल का भी प्रमोशन किया गया है।   मुख्तार अब्बास नकवी को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। नए मंत्रियों में शिव प्रताप शुक्ल को राज्यमंत्री की शपथ दिलाई गई है। वे उत्तर प्रदेश से सांसद हैं। इसके साथ ही दलित नेता वीरेंद्र कुमार को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। कनार्टक से सांसद अनंत कुमार हेगड़े ने मंत्री पद की शपथ ली है। राजस्थान से सांसद गजेंद्र शेखावत ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर सत्यपाल सिंह को माेदी सरकार में राज्यमंत्री बनाया गया है। 

नए चेहरों में बिहार के सीनियर बीजेपी लीडर अश्विनी चौबे और पूर्व आईपीएस सत्यपाल सिंह जैसे नाम हैं। शपथ ग्रहण समारोह से पहले नए मंत्रियों से नरेंद्र मोदी के साथ उनके आवास पर चर्चा की। नए मिनिस्टर्स के नाम सामने आने से पहले ये माना जा रहा था कि जेडीयू और एआईएडीएमके को भी कैबिनेट में जगह दी जाएगी। लेकिन, नीतीश कुमार ने साफ कर दिया कि फेरबदल को लेकर उनसे कोई बात नहीं की गई है और न ही उनके सांसदों को कोई इन्विटेशन मिला है। 2019 के लोकसभा चुनाव के 20 महीने पहले कैबिनेट में फेरबदल हो रहा है। बता दें कि शनिवार तक 8 मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं।ये हैं 9 नए मिनिस्टर्स के नाम...

1) अश्विनी कुमार चौबे (बिहार) (राज्यमंत्री )2) शिव प्रताप शुक्ल (यूपी) (राज्यमंत्री)3) वीरेंद्र कुमार (मध्य प्रदेश) (मंत्री)4) अनंत कुमार हेगड़े (कर्नाटक) (मंत्री)5) राजकुमार सिंह (बिहार) ()6) हरदीप सिंह पुरी (डिप्लोमैट) (राज्यमंत्री)7) गजेंद्र सिंह शेखावत (राजस्थान) (मंत्री)8) सत्यपाल सिंह (यूपी) (राज्यमंत्री)9) अल्फाेन्स कन्ननथानम (केरल) ()अभी फेरबदल की 4 वजह
1) लोकसभा चुनाव: इसमें 20 महीने बचे हैं। इसके मद्देनजर बीजेपी, संघ और सरकार के रणनीतिकार फेरबदल में देरी नहीं चाहते। वे चाहते हैं कि सरकार और संगठन को नई टीम मिले, ताकि केंद्र अपने गवर्नेंस की रफ्तार बढ़ा सके और पार्टी संगठन अपनी चुनाव तैयारियों पर फोकस कर सके।
2) 6 राज्यों के चुनाव: गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में अगले डेढ़ साल के अंदर चुनाव हैं। इसके मद्देनजर यह फॉर्मूला तय किया गया है कि जहां चुनाव हो गए हैं, उन राज्यों से मंत्री कम किए जाएं और चुनाव वाले नए चेहरे सरकार में शामिल किए जाएं।
3) परफॉर्मेंस: जिन मंत्रियों का परफॉर्मेंस ठीक नहीं रहा उनकी छंटनी हो सकती है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सरकार ने अपने मंत्रियों के परफॉर्मेंस का ऑडिट कराया है। इसी ऑडिट रिपोर्ट के हिसाब से मंत्रियों को बदला जाएगा या उनकी छुट्टी की जाएगी।
4) संगठन:सरकार में कुछ चेहरे ऐसे हैं जो संगठन में अच्छा काम कर सकते हैं। ऐसे लोगों को संगठन में वापस भेजा जाएगा।
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